भरतनाट्यम्
तमिलनाडु — सबसे प्राचीन और सर्वाधिक प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य। मंदिर की नटराज मूर्ति — इसी की नृत्य-मुद्राएँ। अरिमंडि (half-sitting posture) — विशेष पहचान। Rukmini Devi Arundale ने 1936 में revival किया। आज 50+ देशों में सिखाया जाता है।
REVIVAL: Rukmini Devi — 1936
GLOBAL: 50+ countries में प्रचलित
कथक
उत्तर भारत — "कथा" (कहानी) से उत्पन्न। मंदिर कथावाचकों से शुरू — मुगल दरबार में Persian influence से घुँघरू और तेज़ चक्कर जुड़े। "चक्कर" (spinning) — कथक की विशेष पहचान — एक साथ 100+ चक्कर। जयपुर और लखनऊ — दो प्रमुख घराने।
SPECIALTY: चक्कर — 100+ spins
INFLUENCE: Persian + Hindu fusion
कथकली
केरल — Total Theatre form — नृत्य, संगीत, अभिनय और विस्तृत श्रृंगार का समन्वय। Makeup में 3-6 घंटे — विशेष vegetable-based colors। पात्र-प्रकार के अनुसार अलग "मुखौटा-श्रृंगार" — Pacha (green), Katti (knife), Thadi (beard)। भगवान कृष्ण की कहानियाँ मुख्य विषय।
FORMS: Pacha, Katti, Thadi characters
SPECIALTY: Netra-kriya — eye exercises
ओडिसी
ओडिशा — शिलालेखों और मूर्तियों से प्रेरित — Konark Sun Temple की मूर्तियाँ — ओडिसी की living proof। "त्रिभंगी" posture — सिर, वक्ष, नितम्ब तीनों अलग-अलग दिशाओं में — sculptural grace। Kelucharan Mohapatra ने 20वीं सदी में revival किया।
INSPIRATION: Konark Temple sculptures
REVIVAL: Kelucharan Mohapatra
कुचिपुड़ी
आंध्र प्रदेश — नृत्य और नाटक का अनूठा समन्वय। "तरंगम" — पीतल की थाली के किनारों पर नृत्य करना — विशेष कौशल। पुरुष-नर्तक ही महिला भूमिकाएँ निभाते थे — परंपरागत रूप से। Vempati Chinna Satyam ने आधुनिक रूप दिया।
TRADITION: Men as women's roles
PIONEER: Vempati Chinna Satyam
मणिपुरी
मणिपुर — सबसे कोमल और लयात्मक शास्त्रीय नृत्य। पैर ज़मीन पर ज़ोर से नहीं पड़ते — gentle, flowing movements। राधा-कृष्ण की रासलीला — प्रमुख विषय। Rabindranath Tagore ने इसे Bengal से परिचित कराया और Shantiniketan में शामिल किया।
THEME: राधा-कृष्ण रासलीला
INTRODUCED BY: Rabindranath Tagore
मोहिनीअट्टम्
केरल — स्त्री-प्रधान लास्य शैली — कोमल, प्रवाहमान गति। "मोहिनी" (enchantress) से नाम — भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की कथा। सफेद और सोने का वस्त्र — Kerala temple art से प्रेरित। Vallathol Narayana Menon ने revival किया।
COSTUME: White + gold — Kerala style
REVIVAL: Vallathol Narayana Menon
सत्त्रीय
असम — Vaishnavite monasteries (Sattras) से उत्पन्न — 15वीं सदी। Srimanta Sankardeva ने Bhakti movement के अंतर्गत विकसित किया। पुरुष-नर्तक, बाँस की कुर्सी पर नृत्य — विशेष elements। 2000 में Sangeet Natak Akademi द्वारा 8वाँ classical dance माना गया।
FOUNDER: Srimanta Sankardeva — 15th c.
RECOGNITION: 2000 — 8th classical dance