कृषि-पराशर
पराशर मुनि रचित — संस्कृत में 8 अध्याय, 162 श्लोक। बीज-संरक्षण, भूमि-वर्गीकरण (6 प्रकार), वर्षा-मापन, बुवाई-काल — सब वैज्ञानिक विवेचन। हल और बैल की उचित देखभाल का भी वर्णन। G.P. Majumdar द्वारा अनुवादित और संरक्षित।
TOPICS: बीज + भूमि + वर्षा
ERA: ~400 BCE — 1000 CE
वृक्षायुर्वेद
सुरपाल रचित — वनस्पति-चिकित्सा का सम्पूर्ण ग्रन्थ। पौधों के रोग, पोषण, जल-आवश्यकता, रोपण-विधि। पौधों में संवेदना (जीव-तत्व) का सिद्धांत — Jagdish Chandra Bose ने 20वीं सदी में वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया। Grafting techniques — भी वर्णित।
CONCEPT: पौधों में जीवन-तत्व
MODERN PROOF: J.C. Bose — 1900s
अर्थशास्त्र — सीताध्यक्ष अध्याय
चाणक्य के अर्थशास्त्र में "सीताध्यक्ष" (Superintendent of Agriculture) का पूरा अध्याय। सिंचाई-व्यवस्था, बीज-भण्डारण, फसल-कर, सरकारी कृषि-फार्म। जल-कर (Udakabhaga) — सिंचाई पर निर्भर। राज्य द्वारा कृषि अनुसंधान केंद्र — 2300 वर्ष पहले।
SCOPE: Irrigation + Tax + Storage
ERA: 300 BCE
बृहत्संहिता — वृष्टि-अध्याय
वराहमिहिर (505 CE) — वर्षा-पूर्वानुमान के वैज्ञानिक संकेत — बादल का रंग, हवा की दिशा, पशु-व्यवहार, ग्रह-स्थिति। मिट्टी की जल-धारण क्षमता परीक्षण — पानी डालकर, चींटी-व्यवहार देखकर। Modern Meteorology का प्राचीन रूप — 1500 वर्ष पहले।
METHOD: Cloud + Wind + Animal signs
MODERN: Meteorological Forecasting
काश्यपीय कृषिसूक्ति
काश्यप मुनि रचित — गौ-पालन और कृषि का समन्वित ग्रन्थ। गोबर-खाद की विधि, पंचगव्य निर्माण, बीज-उपचार (Beej Sanskar)। फसल-चक्र (Crop Rotation) का प्रारम्भिक वैज्ञानिक उल्लेख — मृदा-स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए। आज के Organic Certification में यही सिद्धांत।
TECHNIQUE: बीज-संस्कार, फसल-चक्र
ERA: ~800 CE
मानसोल्लास — सिंचाई अध्याय
12वीं सदी — चालुक्य राजा सोमेश्वर तृतीय रचित। बावड़ी, तालाब, नहर-निर्माण की विस्तृत विधि। Water harvesting techniques — Step-wells का engineering। Drip-irrigation जैसी concept — मिट्टी के घड़ों से नियंत्रित जल-प्रवाह। आधुनिक Drip Irrigation (1960s) से 800 वर्ष पहले।
TOPIC: Stepwells + Drip concept
MODERN DRIP: 1960s — 800yr बाद